चंदेरी (विनीत श्रीवास्तव) :- दीपावली की आहट के साथ ही चंदेरी में सुरक्षा नियमों की परवाह किए बिना आतिशबाज़ी का अवैध कारोबार तेज़ी से फल-फूल रहा है। शहर के कई थोक व्यापारी बिना अनुमति बड़ी मात्रा में पटाखों का भंडारण कर रहे हैं, जबकि प्रशासन और पुलिस खामोश बैठी नज़र आ रही है।
स्थानीय सूत्र बताते हैं कि मुख्य बाज़ार और आसपास के इलाकों में दर्जनों गोदामों में आतिशबाज़ी का स्टॉक भरा पड़ा है। इनमें से कई जगहें ऐसी हैं जहाँ चारों ओर घनी आबादी बसी हुई है — ज़रा सी चिंगारी पूरे क्षेत्र को खतरे में डाल सकती है। इसके बावजूद प्रशासन की चुप्पी सवाल खड़े कर रही है।
लाइसेंस की अनदेखी, खतरे से खेल रहे व्यापारी
विस्फोटक अधिनियम 1884 और पटाखा नियम 2008 के तहत आतिशबाज़ी के भंडारण के लिए लाइसेंस और सुरक्षा इंतज़ाम अनिवार्य हैं। लेकिन चंदेरी में कई व्यापारी इन नियमों को दरकिनार कर न केवल बिना अनुमति आतिशबाज़ी जमा कर रहे हैं, बल्कि खुलेआम बिक्री की तैयारी भी कर रहे हैं।
“सिर्फ एक चिंगारी काफी है...”
स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन को बार-बार शिकायतें दी गई हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर विस्फोटक सामग्री का भंडारण किसी भी वक्त बड़े हादसे को जन्म दे सकता है।
" प्रशासन पर उठ रहे सवाल "
नगरवासियों का आरोप है कि संबंधित विभागों की लापरवाही के चलते व्यापारी बेख़ौफ़ होकर नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। दीपावली से पहले आतिशबाज़ी का यह अवैध स्टॉकिंग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम जनता की जान के लिए भी खतरा बन चुका है।
"" जनता की मांग — तुरंत कार्रवाई हो ""
नागरिकों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि ऐसे गोदामों पर तत्काल छापेमारी कर अवैध आतिशबाज़ी जब्त की जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, सुरक्षा के मद्देनज़र सभी लाइसेंसधारी व्यापारियों की भी जांच की जाए ताकि कोई हादसा न हो।
कोई टिप्पणी नहीं: